
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी कà¥à¤¯à¤¾ है?
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी या मावलिद-उन-नबी, इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¿à¤• कैलेंडर के रबी-उल-अवà¥à¤µà¤² महीने की 12वीं तारीख को मनाया जाता है। यह दिन इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• और अंतिम पैगंबर हजरत मोहमà¥à¤®à¤¦ साहब के जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ के रूप में मनाया जाता है। इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ इस दिन पैगंबर मोहमà¥à¤®à¤¦ के जीवन और उनके उपदेशों को याद करते हैं।
कौन थे पैगंबर हजरत मोहमà¥à¤®à¤¦?
पैगंबर हजरत मोहमà¥à¤®à¤¦ इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® के पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤• थे और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया अंतिम पैगंबर माना जाता है। उनका जनà¥à¤® 570 ईसà¥à¤µà¥€ में सऊदी अरब के मकà¥à¤•ा शहर में हà¥à¤† था। मोहमà¥à¤®à¤¦ साहब ने लोगों को अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का संदेश दिया और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सही रासà¥à¤¤à¥‡ पर चलने की शिकà¥à¤·à¤¾ दी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• ईशà¥à¤µà¤°, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯, और मानवता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤® और दया का संदेश दिया, जो इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® की नींव बना।
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ मनाई जाती है?
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पैगंबर मोहमà¥à¤®à¤¦ के जीवन और उनके महान कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤®à¤°à¤£ करना है। इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® में उनका जीवन मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• के रूप में देखा जाता है। इस दिन उनके अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ उनकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को दोहराते हैं और उनके दिखाठमारà¥à¤— पर चलने का संकलà¥à¤ª लेते हैं। यह दिन विशेष रूप से इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठà¤à¤•ता, à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¥‡ और धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤·à¥à¤ ा का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है।
कैसे मनाते हैं ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी?
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी को मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ बड़े उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ और धारà¥à¤®à¤¿à¤• शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ के साथ मनाता है। इस दिन विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤• और सामाजिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ का आयोजन किया जाता है। मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ में विशेष नमाज पढ़ी जाती है और पैगंबर मोहमà¥à¤®à¤¦ की जीवनी और उनके उपदेशों पर à¤à¤¾à¤·à¤£ दिठजाते हैं। लोग अपने घरों को रोशनी और सजावट से सजाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी की धारà¥à¤®à¤¿à¤• और सांसà¥à¤•ृतिक महतà¥à¤µà¤¤à¤¾
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी का दिन मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठधारà¥à¤®à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। पैगंबर मोहमà¥à¤®à¤¦ का जीवन आज à¤à¥€ इसà¥à¤²à¤¾à¤® के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठआदरà¥à¤¶ है। उनकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं का पालन करना इस दिन की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परंपरा है। इसके साथ ही, यह तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° सांसà¥à¤•ृतिक रूप से à¤à¥€ इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को जोड़ने और उनके बीच à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¥‡ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को मजबूत करने का काम करता है।
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी 2021 की तारीख
साल 2021 में, ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° 19 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को मनाया गया। इस दिन मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ ने न सिरà¥à¤« पैगंबर मोहमà¥à¤®à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ की, बलà¥à¤•ि उनके जीवन से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेकर सामाजिक सदà¥à¤à¤¾à¤µ और शांति का संदेश फैलाया।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
ईद-à¤-मिलाद-उन-नबी का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° पैगंबर हजरत मोहमà¥à¤®à¤¦ के महान जीवन और उनके उपदेशों को सà¥à¤®à¤°à¤£ करने का अवसर है। यह दिन धारà¥à¤®à¤¿à¤• उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ और सामाजिक à¤à¤•ता का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है, जिसमें मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के साथ-साथ अनà¥à¤¯ धरà¥à¤®à¥‹à¤‚ के लोग à¤à¥€ उनके जीवन से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेते हैं।
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