राष्ट्रगान — जन गण मन
जन गण मन अधिनायक जय हे,
भारत भाग्य विधाता।
पंजाब सिंधु गुजरात मराठा,
द्राविड़ उत्कल बंग।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा,
उच्छल जलधि तरंग।
तव शुभ नामे जागे,
तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जय गाथा।
जन गण मंगलदायक जय हे,
भारत भाग्य विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय जय हे।
राष्ट्रीय गीत — वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्।
वन्दे मातरम्।
🎤 15 अगस्त का स्वतंत्रता दिवस भाषण
आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों,
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आज हम सभी अपने महान देश भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। 15 अगस्त 1947 हमारे इतिहास का वह गौरवपूर्ण दिन है, जब भारत ने ब्रिटिश शासन से आजादी प्राप्त की।
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन और अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और अनगिनत वीरों के बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते।
आज हमारा कर्तव्य है कि हम देश की एकता, अखंडता और सम्मान को बनाए रखें और भारत को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि हम अपने देश को स्वच्छ, शिक्षित, मजबूत और विकसित भारत बनाने में पूरी ईमानदारी से योगदान देंगे।
मेरा भारत, मेरी शान है,
तिरंगा मेरी पहचान है।
जय हिंद!
वंदे मातरम्!
भारत माता की जय!